Smell - Taste वापिस लाने के आयुर्वेदिक एवं होमियोपैथी उपचार | loss of smell and taste |Dr Mehulbhai

अभी कोरोना(corona) के समय में जो भी तकलीफ हो रही है वो कफ संबंधित(cough problem) जैसे श्वासोश्वास में तकलीफ(breathing problem), सर्दी और जुखाम(cold problem) जैसी बीमारियों के दौरान या उस से बहार आने के बाद बहोत लोगो की स्वाद(taste) और सुगंध(smell) की शक्ति चली जाती है। आयुर्वेद में इस को रसअग्राहकता या गंधअग्राहकता कहते है। आयुर्वेद में वर्ण है की जब शरीर में जहर जाता है, जैसे सांप ने काट लिया और शरीर में जहर फेल गया तो पहला लक्षण होता है की उस का स्वाद चला जाता है। इस लिए व्यक्ति को कड़वे नीम की पत्तिया खिलाई जाती थी और व्यक्ति को वह कड़वी न लगे तो माना जाता था की शरीर में जहर है। जब शरीर में कोई टोक्सिन चला जाता है या कोई इन्फेक्शन लग जाता है तब व्यक्ति की सूंघने की शक्ति थोड़े समय के लिए अभिभूत हो जाती है। इस समस्या में क्या उपाय करे यह जानने के लिए यह वीडियो जरूर देखे और अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचने का प्रयास करे। जिस से ज्यादा से ज्यादा लोग लाभांवित हो सके।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:-
+916352483012
http://www.sanskrutigurukulam.com​​​​​​

Facebook पेज लिंक:-
https://www.facebook.com/MehulSanskru...​

वक्ता:-
डॉ. मेहुलभाई आचार्यदर्शनाचार्य
Ph.D. (आयुर्वेद तथा दर्शन शास्त्र)

If worthy, please Subscribe, Like, Share & Comment this video.#Ayurveda​​​​​​

SANSKRUTI ARYA GURUKULAM
"संस्कृति संवर्धन संस्थान" 1970 से भारतीय संस्कृति के आधारभूत ग्रंथों का संरक्षण और संवर्धन करनेवाली संस्था है। "संस्कृति आर्य गुरुकुलम" वैदिक आश्रम प्रणाली के अनुसार शिक्षा प्रदान करने वाला एक गुरुकुल है।
यहां बच्चों के समग्र विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कार, संस्कृतियों और परंपराओं को भी सिखाया जाता है। यहां लोगों के लिए आयुर्वेद, पंचगव्य, पंचकोश विकास, गर्भ संस्कार और भ्रूणविज्ञान, आदर्श माता-पिता, संस्कृत भाषा की कक्षाओं आदि के लिए कई संस्कृति संवर्धन के सेमिनार और पाठ्यक्रम करते हैं।
यहां बच्चों के अध्ययन और सभी कार्यक्रम मुफ्त या स्वैच्छिक अनुदान के साथ आयोजित किए जाते है ।
Show More
1 of 35 Next