Gas Raksha Syrup

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Gas Raksha Syrup

120.00

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Net Volume : 200 Ml.

विशेष :

बिकनेवाले सिरप में चीनी का उपयोग किया जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है । जब की इस सिरप में प्राकृतिक खड़ी शक्कर का उपयोग क़िया गया है, जिसका कोई हानिकारक प्रभाव ना  होने से निर्भयता से ली जा सकती है ।

आयुर्वेद के ग्रंथों में बताया गया है की, हम्र शरीर का स्वास्थ्य हमारे किये हुए आहार-विहार के अनुरुप होता है । ‘ आरोग्यं भोजनाधीनम्‍ ’ अर्थात्‍ आरोग्य भोजन के आधीन होता है । हम जिस प्रकार का आहार का सेवन करते है, हमारा शरीर भी उसी प्रकार का स्वास्थ्य प्राप्त करता है । ‘ प्रायेणाहार वैषम्यादजीर्णं जायते नृणाम् ’ श्लोक द्वारा अष्टांगह्रदय में बताया गया है की, परस्पर विरुद्ध आहार, अप्रमाण आहार और अकाल किया हुआ आहार अजीर्ण की उत्त्पति करता है । आज-कल बहुत सारे लोग बाजार से वासी, अखाद्य तैलयुक्त, कृत्रिम मसालों से युक्त आहार करते है । जिस के कारण हमारे पाचनक्रिया पर इसका बहुत दुष्प्रभाव होता है । आयुर्वेद ने पाचनक्रिया को अधिक महत्व दिया है क्योंकि पका हुआ अन्न ही समस्त शरीर का पोषण कर सकता है, अपक्व अन्न शरीरस्थ तीनों दोषों को प्रकुपित करके सभी रोगों को उत्तपन्न करते है । पाचनक्रिया में पाचक पित्त की बहुत अहम भूमिका रहती है । अपथ्य आहार-विहार के कारण पाचक पित्त अपना कार्य ठीक तरीके से नहीं कर सकता, जिसके कारण वात की उत्त्पति होती है । अत: वात और पित्त प्रकुपित होकर अजीर्ण, अग्निमांद्य, आनाह, अम्लपित्त, कब्ज, उदरशूल, आंत्रदाह, गूल्म आदि रोगों की उत्त्पति करते हैं । संस्कृत आर्य गुरुकुल ने बनाया हुआ ‘गेस हर सिरप’ इन सभी रोगों में बहुत उपयोगी है ।

Ayurveda suggests that our health is what we eat. ‘ आरोग्यं भोजनाधीनम्‍ ’ which means good health is under food. ‘ प्रायेणाहार वैषम्यादजीर्णं जायते नृणाम्‍ ’ Shloka in

Ashtang Hridayam, say indigestion is caused by fruits with conflicting symptoms and food eatern in an untimely manner. These days, a lot of people eat stale food from outside, non-eible, full of oil, made using artificially spices. It puts an adverse affect on our stomach. Ayurveda has given much importance to digestive system because cooked food is what feeds the body. Indigested grains causes imbalance of all three doshas and can be cause of various diseases.

Digestive gases (semi liquid) are very important for digestion. Undisciplined eating habits don’t let digestive fluids work properly which causes Vaata. That is why Vaata and Pitta cause diseases like indigestion, low appetite, acidity, constipation, stomachache, kidney inflammation, etc. Sanskruti Arya Gurukulam’s gas har syrup is very beneficial.

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Category:

Description

CONTAINS  :

Galo: 12.5 %

Bhringraj: 12.5 %

Dhaniya: 12.5 %

Shatavari: 12.5 %

Yashtimadhu: 12.5 %

Daru Haldi: 12.5 %

Harde: 12.5%

Bhumi Ambli: 12.5 %

Praval Bhasma: 10 mg

Shankh Bhasma: 10 mg

Kamdhenu Ras: 10 mg

Sutshekhar Ras: 10 mg

लाभ :

  • गुडूची, भृंगराज, भूँई आमलकी और शतावरी जैसी औषधियाँ दीपन, पाचन और कृमिघन होने से अग्निमांद्य, अजीर्ण, उदरशूल एव्‍ उदरस्थ कृमि को दूर करती है ।
  • यष्टिमधु जीवनीय, संधानीय और वातानुलोमन होने से आमाशय स्थित अम्ल्ता को एवं विबंध को मीटाता है ।
  • हरडे दीपन, पाचन और अनुलोमन होने से अग्निमांद्य, अजीर्ण, विबंध, आनाह, गूल्म, उदरशूल आदि उदररोग को दूर करती है ।
  • प्रवाल भस्म उत्तम दीपन औषधि है, यह पाचक पित्त को शुद्ध करती है एवं उदरशूल, आंत्रशूल और तद्स्थित दाह का शमन करती है ।
  • शंख भस्म पाचन औषधि में श्रेष्ठ है, यह पाचनक्रिया के सभी अवयवो को कार्य में सहायता करता है ।
  • सूतशेखर रस पित्त की अम्लता और तीक्ष्णता को एवं प्रकुपित वात को शांत करता है ।
  • इस सभी औषधियों से युक्त ‘गेस हर सिरप’ समस्त पाचनक्रिया को व्यवस्थित करके सभी उदरस्थ व्याधि को मिटाता है ।

सेवनविधि : सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद २-२ चम्मच समभाग पानी के साथ लें ।

सेवनयोग्य व्यक्ति :

१ साल से अधिक आयुवाला कोई भी व्यक्ति इसका सेवन कर सकता है ।

Additional information

Weight 0.0257 kg
Dimensions 5.8 × 15.4 cm