Garbh Poshak Syrup

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Garbh Poshak Syrup

120.00

Net Volume : 200 Ml.

विशेष :

बाज़ार में बिकनेवालें सिरप मॆं चीनी का उपयोग किया जाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक है । जब की इस में प्राकृतिक खड़ी शक्कर का उपयोग क़िया गया है, जिसका कोई हानिकारक प्रभाव ना  होने से निर्भयता से ली जा सकती है ।

गर्भावस्था के समय गर्भीणी को Iron, Calcium, Magnesium, Sulfur, Phosphorous, इत्यादि तत्वों की कमी हो जाती है, उसकी बहुत ज्यादा जरुरत होती है । अशोक, अश्वगंधा, शतावरी, विदारीकंद, नागकेसर, आमलकी रसायन, जिवंती जैसी औषधियाँ गर्भ का पोषण करके गर्भस्थ शिशु के सर्व अंगो का विकास करती है और साथ-साथ गर्भीणी को शारीरिक एवं मानसिक शक्ति प्रदान करती है । संस्कृति आर्य गुरुकुलम्‍ के वर्षों के संशोधन कार्य के बाद चिकित्सा में उपयुक्त “गर्भपोषक सिरप” हमारे संस्कृति गर्भसंस्कार केन्द्र में बहुत लाभप्रद सिद्ध हुई है ।

Special attention is given to the pregnant woman and the unborn child during pregnancy. The expectant mother usually develops definiciency of Iron, Calcium, Magnesium, Sulfur, Phosphorous, etc during pregnancy. Ayurveda has prescribed medicines for every progressive month of pregnancy. Body parts and organs of the foetus develop in each month of pregnancy, conducive medicines have been prescribed for that in Ayurveda like ashok, ashvagandha, shatavari, vidarikand, naagkesar, aamlaki rasaayan, jivanti,etc. They also provide mental and physical strength to the expectant mother. Garbhaposhak syrup has been developed with years of research by Sanskruti Arya Gurukulam and it has given visible results in our Garbhasanskar Kendras.

Category:

Description

CONTAINS:

Amlaki Rasayan 10 ml

Shatavari 10 ml

Jivanti 10 ml

Shankhpushpi 10 ml

Shatpushpa 05 ml

Ashwagandha 10 ml

Yashtimadhu 10 ml

Vidarikand 05 ml

Nagkeshar 05 ml

Kamal Beej 05 ml

Godanti Bhasma 02 ml

Loh Bhasma 02 ml

Mandur Bhasma 02 ml

Rajat Bhasma 02 ml

Kapardika Bhasma 02 ml

Ashok chhal 10 ml

लाभ :

  • अशोक – स्त्रियों के सभी रोगों के लिए उत्तम है ।
  • लौह भस्म, मंडूर भस्म जैसी औषधियाँ गर्भीणी को लौह तत्व की आपूर्ति करती है ।
  • गोदंती भस्म, कपर्दिका भस्म जैसी औषधियाँ  गर्भीणी को कैल्शियम, मेग्नेशियम, फोस्फरस जैसे तत्वों की आपूर्ति करती है ।
  • आमलकी रसायन, अश्वगंधा, विदारि, जीवंती जैसी औषधियाँ  गर्भ और गर्भीणी दोनों को जीवनशक्ति प्रदान करती है ।
  • नागकेसर गर्भ का पोषण करता है और शक्ति संरक्षण का कार्य करता  है । गर्भावस्था में गर्भस्त्राव तथा गर्भपात होने से बचाता है ।
  • “गर्भपोषक सिरप” गर्भाशय को मजबूत करती है और बार-बार होनेवालें गर्भपात को रोकती है ।

सेवनविधि : सुबह-दोपहर-शाम भोजन के बाद २-२ चम्मच समभाग पानी के साथ लें ।

सेवनयोग्य व्यक्ति : गर्भावस्था के प्रथम मास से शुरु करके नौंवे मास तक सेवन करें ।

Who can consume : Pregnant woman from first month to ninth month of pregnancy

Additional information

Weight 0.257 kg
Dimensions 5.4 × 13.6 cm