Calcium Drops

Home/Aushadhi/Calcium Drops

Calcium Drops

150.00

Net Volume : 15 Ml.

विशेष :

सर्व प्रथम मोती के चूर्ण का उपयोग करके यह “कैल्शियम ड्रॉप्स” बनाया गया है, यह संस्कृति आर्य गुरुकुलम्  का आविष्कार है ।

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो के अनुसार अस्थि धातु का निर्माण, पोषण चूने से होता है, किन्तु सामान्य चूने के बूरे प्रभाव को ध्यान में रखकर इसके स्थान पर दुर्लभ ऐसे मोती के चूने का आयुर्वेद में वर्णन आता है । मोती का चूना कैल्शियम से भरपूर होता है । मोती के चूने के साथ गोदंती भस्म, प्रवाल भस्म, कपर्दिका भस्म, खड़ीशक्कर का अद्भुत मिश्रण तैयार किया गया है । संस्कृति आर्य गुरुकुलम्‍ ने अनेक प्रयोग करके यह औषधि का मिश्रण रुप तैयार किया गया है । यह अस्थि धातु की वृद्धि के लिए आज के काल का श्रेष्ठ औषध है ।

Ayurveda texts have described diabetes or madhumeha in detail. Modern science also accepts it as blood sugar and urine sugar. Accordingly to Ayurved, reasons for diabetes have been mentioned in various shloks like “aasyaasukham svapn sukham dadhini….”. To control or cure diabetes, medicines like vijaysaar, haldi, amla,etc. are considered very useful. All these medicines are steamed for three prahars (9 hours) and these drops are prepared as per the method described in ‘ark prakash’ grantha.

Category:

Description

CONTAINS :

मोती के चुने का पानी

गोदंति भस्म

क्पार्दिका भस्म

प्रवाल भस्म

सजंग राहत भस्म

खड़ी शक्कर युक्त

लाभ :

  • कैल्शियम ड्रॉप्स के नियमित सेवन से अस्थि धातु मजबूत होती है । हड्डियों को पोषण मिलता है ।
  • घुटने के दर्द, कमरदर्द, में आराम मिलता है । हड्डियाँ घिस जाने से रुकती है । हड्डियों में पूरा कैल्शियम पहुँचता है, इसलिए हड्डियों के सभी रोग एवं वातज रोगों में लाभ होता है ।
  • दाँत भी अस्थि धातु से बनते है, इसलिए दाँतों को पोषण देकर मजबूत बनाता है ।
  • नाखून को पोषण देकर जल्दी बढ़ाता है, इसलिए नाखून स्वस्थ और सुंदर होते है ।
  • कैल्शियम ड्रॉप्स में उपयुक्त चूने को गुलाबजल में अच्छी तरह भिगोकर इस्तेमाल किया जाता है ताकि उसकी तीव्रता कम हो और जलन ना करे ।
  • इसके नियमित सेवन से शरीर में वात दोष का संतुलन होता है और बहुत से रोगों से रक्षण मिलता है ।

सेवनविधि :

सुबह-दोपहर-शाम ३ से ६ बूँद साधारण या गुनगुने पानी के साथ लें ।

सेवनयोग्य व्यक्ति :

६ महीने के बाद के आयु वालें कोई भी व्यक्ति इसको सेवन कर सकता है एवं जिसे पथरी है वह व्यक्ति भी इसका सेवन कर सकता है ।

Products Key Feature(s) : Ganga jal has been used in making this. It prevents the aushadhi from getting bad for long number of days. Increases the shelf life

Shastrokt (Vedic) Importance : आयुर्वेद मे ७ धातुओ मे अस्थि नामक एक धातु होती है, जिस से हडियो का और दातो का निर्माण होता है, अस्थि  धातु  को पोसन पोसण देने के लिए  आयुर्वेद मे मोती के मोती के चुर्णका महत्व बताया गया है l जो एक खास प्रकार का चूर्ण होता है l साधारण चूर्णसे पथरी होने की संभावना होती है, लेकिन मोती के चुने से वो खतरा नही है l मोती के चूर्णके साथ प्रवाल भस्म, गोदंति भस्म, क्पार्दिका भस्म का मिश्रण करके यह ड्रॉप बनाया गया है l

Relevant Shastra: द्रव्य गुणविज्ञान, रस तंत्र सार

Why To consume : FULFILL CALCIUM. INCREASE CALCIUM AND MAKE STRONG BONES AND TEETH ASHTIDHADHU.

इसके उपयोगसे हड्डिया मजबुत होती है, अस्थि नामक धातु स्थिर होने से शरिर मे दर्द नही होता है frickel bones मै लाभकारी l

Who Can Consume : ANYONE

Additional information

Weight 0.059 kg
Dimensions 3.4 × 9 cm