Agnihotra Havan Samagri

Agnihotra Havan Samagri

100.00 90.00

अग्निहोत्र भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है । अग्निहोत्र यानि अग्नि में विविध औषधियों के द्वारा देवताओं को आहूति प्रदान की जाती है । आहूति मंत्रपूर्वक देनी होती है, अंगुष्ठ और उँगलिओं के बीच में थोडी सी आहूति लेकर उसको प्रतिदिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय अग्नि में मंत्रपूर्वक आहूति देने से त्रिविधतापों से मुक्ति मिलती है । आयुर्वेद में बताई गई सुगंधित एवं विभिन्न औषधीय गुणो से युक्त औषधियाँ इस धूप में मिश्रित है ।

Agnihotra is an inherent part of Indian culture. Agnihotra means offering ahuti or homa to devatas with various medicinal grains and herbs. Ahuti is offered with mantra chanting. Small quantity of ahuti is taken in the pinch (between the thumb and the middle & ring finger) and offered to the fire with mantra chanting at the time of sunrise and sunset, this relieves from trividhataapa. Various fragrant and medicinal property carrying herbs are added in this dhoopa. Various inventions and researches have been done on agnihotra in other countries.

Description

लाभ :

  • यह सुगंधित और सात्त्विक द्रव्यों से वातावरण शुद्ध और पवित्र बनता है ।
  • घर में सकारात्मक उर्जा मिलती है ।
  • शरीर के एवं मन के विभिन्न रोगों में लाभ मिलता है ।
  • विदेशो में अनेक आविष्कार अग्निहोत्र पर हुए है ।
  • अग्निहोत्र को पूर्ण करके भस्म को पानी में तथा अन्य पदार्थों में उपयोग कर सकते है, इससे सात्त्विक उर्जा मिलती है ।
  • anti viral एवं anti bacterial गुण होने के कारण अनेक लाभ पाये गए हैं ।

उपयोग

गाय के गोबर के कंडे में थोडा गोघृत डालकर अग्नि प्रज्वलित करके उसमें उपरोक्त सामग्री में से थोडी सामग्री लेकर आहूति प्रदान करें ।

आहूति द्रव्यों में थोडा चावल और थोडा जव मिलायें ।

CONTAINS :

Guggalu Khas Motha Kapoorkachali Bel giri Gulab ful Palash Giloy Tagar Agar Brahmi Indra jau Rakta Chandan Swet Chandan Nagkeshar Arjun Twak Naugrah Lakadi Kush Udumbar Twak Vatvriksha Twak Doorva Chhoti Ilayachi Jatamansi Kali Sarasav Pili Sarsav

Net Volume : 100 Gms.

Additional information

Weight 0.130 kg
Dimensions 12.8 × 3.4 × 13.4 cm

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