Net weight: 500 gm सुवर्ण - रजत भस्म युक्त  आयुर्वेद में बताई गई यह विभिन्न औषधियों, जैसे ब्राह्मी, शंखपुष्पी, शतावरी इत्यादि का संयोजन करके विशेष अवलेह बनाया जाता है, जो गर्भवती महिला एवं शिशु दोनों का संरक्षण करता है । आयुर्वेद के ग्रंथों में अनेक प्रकार की औषधियँ है और उसके अनेक प्रकार के स्वरुप है, जिसको कल्पना कहा जाता है । विभिन्न कल्पना (औषध स्वरुप) में प्राशन का स्वरुप लेने में सब से आसान है क्योंकि यह स्वादिष्ट होता है । इससे अरुचि नहीं होती और आसानी से पाचन भी हो जाता है । संस्कृति आर्य गुरुकुलम्‍ ने गर्भावस्था में प्रयुक्त होनेवाली विभिन्न औषधियाँ जैसे शतावरी, केसर, नागकेशर, कमल बीज, अश्वगंधा, ब्राह्मी इत्यादि का मिश्रण करके गौघृत में पाक बनाकर उसमें फलघृत के साथ मिश्रण करके “गर्भपोषक प्राशनम्‍” बनाया जाता है । फलघृत को अलग से बनाकर बाद में इस अवलेह के साथ मिश्रित किया जाता है । यह अवलेह गर्भावस्था में लेने से विभिन्न लाभ होते है । A special avaleha is prepared as per the prescribed medicines in ayurveda like brahmi, shankhapushpi, shatavari,etc. which protects both the foetus and the pregnant lady. Ayurveda has many types of medicines and it has many forms, which are called Kalpana. Among various Kalpanas (form of medicine), avaleha prashan is the easiest to consume as it is tasty as well. It doesn’t cause distaste and it digests easily as well. Sanskruti Arya Gurukulam has prepared this Garbha poshak prashanam by combining various medicines like shatavari, saffron, naagkeshar, lotus seeds, ashvagandha, brahmi, etc., by making a ‘paak’ in cowghee. Phala ghrut is prepared separately and later mixed with the avaleha. This avaleha provides various benefits during pregnancy.