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आयुर्वेद का छठा अंग कौमारभृत्यम् के पर विशेष शिविर

आयुर्वेद का छठा अंग कौमारभृत्यम् के पर विशेष शिविर

तीसरा आयोजन

🙏भारत में पहली बार आयुर्वेद का छठा अंग कौमारभृत्यम् के पर विशेष शिविर🙏

★पूज्य गुरुजी और (राजीव भाई) का सपना, सम्पूर्ण भारत मे ऋषि परम्परा से चिकित्सा व्यवस्था की स्थापना को, आगे बढ़ाते हुए एक कदम और ★

दिनांक : 14, 15, 16 जून2019
(शुक्रवार, शनिवार व रविवार)

समय:
14 जून को सायंकाल 4.00 बजे से प्रारंभ व,
16 जून को सायंकाल 4.00 बजे तक अंतिम सत्र समाप्त होगा।
(ईन्ही दिनांक व समय के अनुसार ही टिकट बुक करें)

वक्ता:- डॉ. मेहुलभाई आचार्य
दर्शनचार्य, Ph.D. (आयुर्वेद तथा दर्शनशास्त्र)
संस्थापक- संस्कृति आर्य गुरुकुलम्, राजकोट, गुजरात

जिज्ञासा बेहनजी
(M.A. M. Phil., साहित्यकार)

स्थान:
संस्कृति आर्य गुरुकुलम
डायाबापा नी वाडी, सिज़न्स होटल गेट के सामने, अवध रोड, कालावाड़ रोड, राजकोट – 360005, गुजरात, भारत

🌞प्रमुख सत्र(विषय)🌝

काश्यप संहिता के अनुसार सम्पूर्ण बाल चिकित्सा

बालको के विविध संस्कारों का वर्णन

बाल मनोविज्ञान का निरूपण

बाल रोगों में होम्योपैथी चिकित्सा

बाल ग्रहों की चिकित्सा

बाल गुरुकुल पर विशेष सत्र

गर्भविज्ञान पर सत्र

बाल रोगो के लिए अद्भुत पञ्चगव्य चिकित्सा

भोजन व्यवस्था :
प्रातःकाल आयुर्वेद के नियम के अनुसार दूध / काढ़ा तथा लघु भोजन,
दोपहर व रात्रि को – बिना लहसुन प्याज वाला शुद्ध, गोव्रती, सादा एवं सात्विक भारतीय भोजन।

तीन दिवसीय शिबिर के लिए भोजन व निवास व्यवस्था शुल्क:- 1500₹
(प्रशिक्षण निशुल्क)

8 से 15 वर्ष तक के बालकों के लिए सहयोग राशि :- 750₹
(7 वर्ष से कम आयु के बालकों को लाना सख्त मना है।)

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पंजीकरण online👨‍💻 करना अनिवार्य
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(पंजीकरण मर्यादित)

अधिक जानकारी के लिए विडीयो देखे