GeneralGurukulam Shiksha

गुरुकुल शिक्षा की आवश्यकता क्यों?

गुरुकुल शिक्षा की आवश्यकता क्यों ?

why gurukulam education is so important these days }

गुरुकुल शिक्षा वीश्व की सबसे प्राचीन व आदर्श शिक्षा व्यवस्था है। इस व्यवस्था से अनेक व्यक्ति महापुरुष बने है, यह शिक्षा को लेकर मानव महा मानव बना है ऐसा इतिहास है, अमेरिका जैसे देशों का इतिहास 500 साल पुराना नही है व इस शिक्षा व्यवस्था का इतिहास 20 हजार साल पुराना है। यदि कोई भी शिक्षा व्यवस्था युक्तियुक्त व विचारपूर्ण नही है तो वह 200 साल से ज्यादा नहीं टिक सकती, 100 साल में ही उसमे प्रश्न आने लगते हैं, हमारे भारतिय शिक्षा व्यवस्था 20 हजार सालों से चल रही है व दिन प्रति दिन इसमे सुमधुर परिणाम आ रहे थे। इसके लिए तक्षशिला विद्यापीठो में ईरान, इराक, इंडोनेशिया, मलेशिया व यूरोप खंड के अनेक विद्यार्थि विद्या पाने के लिए उत्सुक रहते थे, व वहां प्रवेश पाने पर अपने आप को भाग्यशाली मानते थे। लेकिन पिछले मध्य युग मे साशन परिवर्तन व सांस्कृतिक पतन के कारण शिक्षा व्यवस्था पर भी उसकी असर आई गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था प्रायः नष्टप्रहि हुई या तो उसे नष्ट किया गया, ये भारत के दुर्भाग्य में से सबसे बड़ा दुर्भाग्य रहा, अभी इस दुर्भाग्य में भी एक सौभाग्य ये है कि इसके बीज बच गए। अनेकों आचार्यों ने प्रयत्न करके इसके बीज बचा लिए।

Importance of Gurukulam Education

हमारी संस्था उस गुरुकुल शिक्षा आदर्श रूप में स्थापित हो इस लिए अविरत प्रयत्नशील है। यह शिक्षा मनुष्य के शरीर, इंद्री, मन, बुद्धि व आत्मा का सम्पूर्ण विकास में अति आवश्यक है। इसी को पंचकोश विकास कहते है, ये पंचकोश विकास ही भारतिय शिक्षा का लक्ष्य है, गुरुकुल शिक्षा सभी वर्ग के बालक बालिका के लिए है, इसमे कोई भेदभाव का स्थान नही है। सब मनुष्यों को उन्नत करने वाली ये आदर्श शिक्षा पुनः स्थापित करना, हम सभी लोगो का कर्तव्य है। यह शिक्षा के अंतर्गत आयुर्वेद के सिद्धांत आने के कारण बालकों का शरीर स्वास्थ्य जीवनभर अच्छा रहता है। जीवन की शिक्षा व उच्च लक्ष्य प्रदान करने से उसकी प्रांसक्ति द्रढ रहती है, महापुरुष के संसर्ग होने से अभ्यास, चिंतन से उनका मन विकसित होता है।

तर्कशास्त्र, विभिन्न शाखाओं का अध्ययन से बुद्धि विस्तरित होती है व बुद्धि का विकास होता है, और सेवा, त्याग, समर्पण जैसा गुणो से उसका आत्मा विकसित होता है। इन सभी शिक्षा बालकों को देना आवश्यक ही नही अनिवार्य है।

भारतिय शिक्षा व्यवस्था 20 000 सालों से चल रही है
भारतिय शिक्षा व्यवस्था 20 000 सालों से चल रही है

संस्कृति आर्य गुरुकुलम इसके लिए भारत के अनेक स्थानों पर भारतिय शिक्षा स्थापित हो इस हेतु से विविध विषयों पर व्याख्यान, सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन कर प्रचार प्रसार कर रहे हैं। पिछले 100 सालों में एक हमारी संस्था यह कार्य को अग्रिमता देकर और अनिवार्यता समझकर गुरुकुल शिक्षा प्राणिली को बचाने के लिए व समाज के अंतिम मनुष्य तक उसे पोहचाने के लिए अनेक समजिक कार्यक्रम कर रही है। भारतीय शिक्षा का महत्व समजाने के लिए गुरुकुल सिक्षामे जीवन क्या है, जीवन की शिक्षा क्या है, जीवन शिक्षा को ग्रहण कर क्या सुद्रढ़ हो सकते हैं, सुखी हो सकते हैं, व आज भी गुरुकुल शिक्षा को प्राप्त कर सफल हो रहे हैं।

गुरुकुल शिक्षा की फार्मूला लीडर तैयार करने की है। आज समाज को सबसे अधिक लीडर की आवशकता है, गुरुकुल शिक्षा निडर तैयार करने के लिए है। समाज की सबसे ज्यादा निडर व निर्भीक व्यक्ति की आवशकता है। गुरुकुल शिक्षा सच्चे मानव करने के लिए है। आज सबसे अधिक आवशकता मनुष्यत्व की है, गुरुकुल शिक्षा मनुष्य को सम्पूर्ण स्वावलंबी व परोपकारी व्यक्ति की है। गुरुकुल शिक्षा संबंधो को मजबूत बनाती है व आदर्श परिवार बनाती है, जिसकी आज सबसे अधिक जरूरत है। गुरुकुल शिक्षा समाज को स्थिर व उन्नत रखती है। गुरुकुल शिक्षा बालकों को हस्ते खेलते सिखाने की फार्मूला सिखाती है। आज बालकों को ऐसी शिक्षा की जरूरत है कि वे पिंजरे में बंद ना हो, अपितु मुक्त गगन की उड़ान भरे। गुरुकुल शिक्षा सम्पूर्ण मनोवैज्ञानिक व शाश्त्रीय है। आज समाज मे मनोवैज्ञानिक शिक्षा की बहुत आवशकता है।

To Prepare Leaders by Gurukulam Education System