Sanskruti
Vision & Mission

” भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के आधारित संपूर्ण आचार्य क्रेंद्रित १०८ गुरुकुल पुरे भारतमें करने का संकल्प “

जिन गुरुकुलोंमें किसीभी प्रकार के भेदभाव बिना जिज्ञासु एवं अभ्यासु छात्रोंको निःशुल्क न्याय, वेदांत, व्याकरण, आयुर्वेद जैसे प्राच्य विद्याओं, तथा संगीत काव्य आदि कलाये सिखाने की व्यवस्था निर्माण करना।

भारतवर्ष को सम्पूर्ण स्वस्थ बनाने के लिए तथा शास्त्रोक्त आहार-विहार के नियमोंको पुनःजनमानसमें प्रतिष्ठित करने के लिए हर गांवमें ग्राम वैद्य तथा १००० स्थानीय धन्वन्तरि तैयार करने की योजना ।

संपूर्ण भारतवर्षको नई दिशा दिखानेवाले राष्ट्रभक्त, प्रभुभक्त, विश्वकी चेतना को ऊपर ले जानेवाले महापुरुषों का दिव्य अवतरण हो इस हेतु समाज के सात्विक एवं कर्मठ दम्पतियों को दिव्यात्मा ओ के अवतरण हेतु तैयार करके १००० दिव्यात्माओं का अवतरण करने का दिव्य संकल्प । { गर्भ संस्कार Garbh Sanskara }

संपूर्ण भारतवर्ष में ‘गो-केंद्रित-कृषि’ व‘कृषि केंद्रित उद्योग’ तथा ‘कृषि उद्योग केंद्रित अर्थशास्त्र’ पुनः स्थापित करने हेतु
प्रत्येक गांवमें स्वावलंबी उद्योग युक्त गौशाला तथा हर घरमें गौमाता की स्थापना ।

भारतकी धरोहर समान हमारे बच्चे तन से दृढ़, मन से स्वस्थ तथा बुद्धि से परिपक्व बने इस हेतु आयुर्वेद ग्रंथो के अनुसार
संपूर्ण वैदिक पद्धति से बनाया गया “सुवर्णप्राशन” संपूर्ण भारतवर्षमें अनेक केन्द्रोमें पुष्य नक्षत्र पर निःशुल्क वितरण करने का संकल्प ।

संस्थाका कोई व्यावसयिक उद्देश्य नहीं हैं, अपितु सेवाकीय उद्देश्य से जनमानसमें सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का जागरण हो इसलिए प्रायः ३० प्रकार के विविधपूर्ण कार्यक्रम निःशुल्क कर रही हैं.