GeneralGurukulam ShikshaShibir

3 दिवसीय निवासी शिविर

3 दिवसीय निवासी अष्टांग आयुर्वेद, अगद तंत्र(विष विज्ञान), बाल गुरुकुलम् ,आदि विषयो पर शिविर

दिनांक : 19, 20, 21 अप्रैल 2019 (शुक्रवार, शनिवार व रविवार)

समय:
19 अप्रैल (हनुमान जयंती) को सायंकाल 4.00 बजे से प्रारंभ व,
21 अप्रैल को सायंकाल 4.00 बजे तक अंतिम सत्र समाप्त होगा।
(ईन्ही दिनांक व समय के अनुसार ही टिकट बुक करें)

प्रशिक्षण वक्ता:-
डॉ. मेहुलभाई आचार्य
दर्शनचार्य, Ph.D. (आयुर्वेद तथा दर्शनशास्त्र)
संस्थापक- संस्कृति आर्य गुरुकुलम्, राजकोट, गुजरात

जिज्ञासा बेहनजी
(M.A. M. Phil., साहित्यकार)

स्थान:
संस्कृति आर्य गुरुकुलम
डायाबापा नी वाडी, सिज़न्स होटल के पीछे, अवध रोड, कालावाड़ रोड, राजकोट – 360005, गुजरात, भारत।

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🌞प्रमुख सत्र (विषय)🌝

आयुर्वेद के चौथा अंग – अगदतंत्र का प्रायोगिक प्रशिक्षण

अगदतंत्र (विष विज्ञान) आयुर्वेद के आठ अंगों में से एक है। इसमें विभिन्न स्थावर, जंगम और कृत्रिम विषों एवं उनके लक्षणों तथा चिकित्सा का वर्णन है।

15 मिनिट में बिछु का विष उतारना सीखे,
1 घंटे में सर्प का विष उतारना सीखे,
स्वान(कुत्ता), बिल्ली, कीट, कीड़े, मकड़ी आदि विषैले जीवो के काटने पर चिकित्सा सीखें शास्त्र के आधार पर।

अष्टांग आयुर्वेद का परिचय
आयुर्वेद के आठ विभाग –
कायचिकित्सा, शालाक्यतंत्र, शल्यतंत्र, अगदतंत्र, भूतविद्या, कौमारभृत्य, वाजीकरण और रसायनतंत्र का परिचय

वैदिक बाल गुरुकुलम्
आधुनिक प्ले होम का वैदिक पर्याय पर मार्गदर्शन

गर्भविज्ञान
दिव्या आत्मा अवतरण का विज्ञान

योगिक क्रिया, मुद्रा विज्ञान, षट्कर्म परिचय प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ

भोजन व्यवस्था :
प्रातःकाल आयुर्वेद के नियम के अनुसार दूध / काढ़ा तथा लघु भोजन,
दोपहर व रात्रि को – बिना लहसुन प्याज वाला शुद्ध, गोव्रती, सादा एवं सात्विक भारतीय भोजन।

★ तीन दिवसीय शिबिर के लिए भोजन व निवास व्यवस्था शुल्क:- 1500₹ (प्रशिक्षण निशुल्क)

8 से 15 वर्ष तक के बालकों के लिए सहयोग राशि :- 750₹ (7 वर्ष से कम आयु के बालकों को लाना सख्त मना है।)

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पंजीकरण online👨‍💻 करना अनिवार्य
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(पंजीकरण मर्यादित)

इच्छुक अभिभावक निचे दिए गए पंजीकरण पद्धति से अपना स्थान पंजीकृत करवा सकते है। 🙏👇🙏👇🙏👇🙏👇🙏

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🙏धन्यवाद🙏