UPDATES : गर्भ विज्ञान और पंचगव्य पर भारत मे प्रथम बार शिविर 6,7,8 सितंबर 2019 अधिक जानकारी के लिए LINK

Welcome to संस्कृति आर्य गुरुकुलम

पाश्चात्य व्यवस्थाओमें से सबसे ज्यादा कोई निष्फल हो और सबसे ज्यादा नुकसान किसी व्यवस्थासे हुआहो तो वह है शिक्षाव्यवस्था ।

आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के ऐसे दुष्परिणामों को देखते हुए इस शिक्षा पद्धतिका प्रबल विकल्प जरुरी है और वह विकल्प हैं – सम्पूर्ण आचार्य केंद्रित भारतीय संस्कृतिकी मूल्य आधारित “सर्वांगीण गुरुकुल शिक्षा पद्धति“,सर्वांगीण गुरुकुल शिक्षा।

संस्कृति संवर्धन संस्थानम्” संस्कृति,राष्ट्र, समाज एवं भगवद्कार्यको संपूर्ण समर्पित संस्था हैं । समाजको स्थिर करने के लिए तथा विकसित करने के लिए समाज शिक्षा या सर्वांगीण शिक्षा अति आवश्यक हैं । यहाँ संस्था किसीभी प्रकार के भेदभाव के बिना “सर्वभूतहितेरताः” यह सिद्धांत को ध्यानमें रखते हुए, सर्वभूत के कल्याणहेतु “इदंभगवतेनमम” यह यज्ञीय भावना से संस्कृति के प्रायःसभी अंगोको पुष्ट करने के लिए अविरत कार्यशील हैं।

Sansktuti Arya Gurukulam – Rajkot

विद्याधनं सर्व धनं प्रधानम्

भारतीय जीवन दर्शन

विद्या धन समस्त धनों में सर्व श्रेष्ठ धन होता है ।  न कोई चोर इसको चुरा सकता है ,न कोई राजा जबरन इसे छीन सकता है ,न भाई इसको बाँट सकता है तथा इस धन का न कोई अतिरिक्त भार ही होता है। व्यय करने पर इसमें निरन्तर वृद्धि ही होती है ।

न  चोर  हार्यम्  न  च  राज  हार्यम् , न  भ्रातु  भाज्यम्  न  च  भारकारी ।
व्यये  कृते  वर्धते  एव  नित्यम्  , विद्याधनं  सर्वधनं  प्रधानम्  ।।

"संस्कृति संवर्धन संस्थानम्" का परिचय

वाराणसी के सुप्रसिद्ध विद्वान श्री विश्वनाथ शास्त्री दातार गुरुजी के प्रेरणा व सम्पूर्ण मार्गदर्शन से यह संस्था स्थापित हुई। यह ट्रस्ट 2013 में पंजीकृत हुआ।

भारत के विभिन्न स्थानों मे भारतिय संस्कृति के मूल्यों का प्रचार करना, समान्य लोगों तक भगवत गीता, वेद, उपनिषद के उपदेशों को पोहचाना, गुरुकुल शिक्षा का महत्व जनमानस तक पोहचाने के लिए विविध सेमिनार व वर्कशॉप करना, लोगों का स्वास्थ्य तथा तंदुरुस्ती बढ़े इसलिए आयुर्वेद शास्त्रों के अनुरूप विभिन्न संहिता तथा ग्रंथों के अध्येयन के आधार पर सर्वसामान्य व्यक्ति समझ सके ऐसी शैली में व्याख्यान तथा प्रशिक्षण करना, बालकों के लिए बाल संस्कार केंद्र, युवाओं को लक्ष्य तथा दिशा मीले इसके लिए युवा शिविर, वृद्धों को भी जीवन में अपने कर्तव्य निभाने का अवसर हेतु जीवन संध्या कार्यक्रम।

समाज के हर एक क्षेत्र में लोगों को ऊपर उठाने के लिए भारतीय संस्कृति के आधारभूत ग्रंथों को प्रमाणभूत आधार रखकर यह संस्था देश तथा विदेश में विविध विषयों पर सेमिनार के तहत अनेक कार्यक्रम कर रही है। प्रायः सभी कार्यक्रम निशुल्क या स्वैच्छिक दान पर हो रहे है। संस्था का कोई व्यावसायिक उदेश्य नही है। केवल समाज मे अच्छे विचार  पोहुचे, व्यक्ति जागरूक हो व हमारे भारतिय संस्कृति के जो मूल्यवान विचार है उसका प्रचार एवं प्रसार हो इस हेतुसे संस्था अविरत कार्यशील है।

हमारे कार्य ( Our Activities )

1. गुरुकुल अभ्यास एवं पाठ्यक्रम निर्माण कार्य

संस्कृति संवर्धन संस्थानम् – संस्कृति,राष्ट्र, समाज एवं भगवद्कार्यको संपूर्ण समर्पित “ समाज के लिए समाज के द्वारा चलनेवाली संस्था, सम्पूर्ण रूप से भारतमाता एवं गौ माता की को समर्पित है | वर्तमान भारत को सुव्यवस्थित एवम् आने वाली पीढ़ियो को वैचारिक रूप से एवं शारीरिक रूप से मजबूत कैसे बनाया जाए इसके लिए विभिन्न क्षेत्र मे कार्यरत है.

  • गृह शिक्षा
  • संस्कृत भाषा संभाषण एवं शिक्षण वर्ग
  • रसोईघर की औषधियों आयुर्वेद आधारित पाक-कला
  • वृद्धो केलिए “जीवन संध्या कार्यक्रम”
  • संपूर्ण व्यक्तित्व विकास हेतु स्वभाव विज्ञानं कार्यक्रम
  • व्यवसायीकोके लिए तनावमुक्त जीवनशैली के कार्यक्रम
  • भगवद्गीता स्पर्धा एवं प्रवचन
  • गृह उद्योग व लघु उद्योग प्रशिक्षण
  • पराशर कृषि विज्ञान
  • श्रीमद् भगवद्गीता यथा स्वरूप
  • वाल्मीकि रामायण यथा रूप कथा
  • महाभारत यथारूपकथा
  • यथार्थ इतिहास
  • श्रीमद्भागवत कथा स्वरुप कथा
  • दर्शन परिचय वर्ग एवं शिविर
  • योग दर्शन परिचय एवं अभ्यास वर्ग
  • कौटिल्य अर्थशास्त्र- राजनीती शास्त्र अभ्यास चिंतन वर्ग
  • वर-वधू चयन
  • युवा सामर्थ्यशिविर
  • उत्सवोंका महत्व तथा वैज्ञानिकता

हमारे कार्य ( Our Activities )

2. गर्भ संस्कार - गर्भाधान संस्कार ( Garbh Sanskar -Garbhadhan Sanskar )

“जब कोई जीव-आत्मा मनुष्य-योनि में जन्म लेता है, तो उसके जन्मके निमित ऐसे उसके माता पिता का उत्तरदायित्व बढ़ जाता है “

संतान-उत्पति भारतीय विचारधारामें मात्र कामोपभोगके परिणाम से हुई जैविक-घटना ( Biological Process ) नहीं है | अपितु पूर्ण विज्ञान है |

शाश्त्रोमें  चरक-संहिता, सुश्रुत – संहिता आदि आयुर्वेद के ग्रंथो में तथा चर्तुवेद तथा उपनिषद् एवं कल्पसूत्रों – गुह्यसूत्रों में भी गर्भसंस्कार का विचरण प्राप्त होता है |

गर्भाधान – एक संस्कार होने से, वह संस्कार के रूप में ही किया जाये तो उत्कृष्ट संतति प्राप्त होती है |

Garbh – Samskara Kedra

 

 हमारे कार्य ( Our Activities ) : 

3. गुरुकुल निर्माण के लिए

आचार्य निर्माण कार्य
महिला आचार्य केंद्रित
पंचकोशत्मक विकास
संपूर्ण प्रमाणित ग्रंथो द्वारा आयुर्वेद - पन्च्गव्य का प्रसीक्षण
गुरुकुल पाठ्यक्रम निर्माण कार्य
पन्च्गव्य - आयुर्वेद की शास्त्रोक्त रिसर्च फाइल

हमारे कार्य ( Our Activities )

4. सुवर्ण प्राशन प्रकल्प

बालक को सुवर्ण युक्त औषधि चटाना, अर्थात  सुवर्ण प्राशन |   सुवर्ण प्राशन, यह सुवर्ण भष्म, ब्राह्मी, वचा, पीपर, मधु (शहद ) तथा नवरत्न का उत्तम सयोजन है | इसके उपयोग से स्मृति, बुद्धि, मेधा, रोगप्रतिकारक शक्ति बढती है |

पूरे भारत में  प्रायः १०० से भी अधिक स्थानों पर प्रत्येक पुष्य नक्षत्र के दिन ” संस्कृति आर्य गुरुकुलम ” संस्था द्वारा ” सुवर्ण – प्राशन – संस्कार ” नि :शुल्क करवाया जाता है |

 

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207 से भी अधिक नि : शुल्क सुवर्ण प्राशन केंद्र (पूरे भारत वर्ष में) और बढ़ रहे है ..

संस्कृति आर्य गुरुकुलम् में प्रवेश हेतु...

अपने बालको के गुरुकुलम में दाखिला दिलाने के आवश्यक जानकारी एवं दाखिला – पत्र के लिए कृपया यहाँ क्लिक करे

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संस्था को प्रशंसापत्र

Dr. Anuj Srivastava

मैंने ' संस्कृति आर्य गुरुकुलम ' योजित द्विदिवसीय आवासी शिविर में हिस्सा लिया । गुरुकुल के परिसर की पवित्रता सात्विक वातावरण दिल को छू गया। ज्ञानपूर्ण चर्चासत्र, व्याख्यान, आत्मीयतापूर्ण आतिथ्य सत्कार एवं सुबह - शाम होता गुगल घूप, पोस्टिक सात्विक भारतीय भोजन यह सब बातें मुझे अति प्रभावित कर गई। मैं बार बार इस "गुरुकुल - परिसर" में आनेकी इच्छा रखूँगा।

Cardiologist - Mumbai

Sriman Kamal LochanDas (ISKCON)

द्विदिवसीय शिविर में बहुत अनुभवसंपन्न ज्ञानपूर्ण वक्तव्य का श्रवण करके मुजे अति प्रसन्नता हो रही है। ' संस्कृति आर्य गुरुकुलम ' के सभी प्रकल्प और श्री मेहलभाई एवं जिज्ञासा माताजी की विचारोंकी गहनता भारतीय संस्कृति रक्षण एवं संवर्धन समाज (लोगोके ) कार्यों के लिए सरल एवं आवश्यक है, उनकी सरलता एवं सहजता आने वाले समय में आदर्श भारतीय समाज को सही ज्ञान की पहचान करने में उत्तम है।

President Mira Road ISKCON Mumbai

Dr. Denisha Bhanderi & Dr. Dipak Hirpara

From 1st month of our treatment we feel very positive,energetic and relaxed. We got best results as our daughter has good effects of Garbh Sanskar process. Overall, what i can say is its a very effective ancient therapy and i recommend every couples who planning to have babies must start this traditional Garbh Sanskar process before one year of conception.

Florida - U.S.A
एक नम्र प्रार्थना…

गुरुकुलम शिक्षा पद्धति मे छात्रों या उनके माता पिता से कोई फीस या दान नहीं लिया जाता है। यह गुरुकुलम के पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित है कि भोजन, ज्ञान और दवा बेची नहीं जानी चाहिए। कुछ उदार परोपकारी और धार्मिक संस्थानों द्वारा नकद या इस तरह के योगदान के माध्यम से गुरुकुलम को बनाए रखने का बोझ उठाया जाता है है। संस्कृति गुरुकुल भी इसी विचार से प्रेरित एवम् कार्यरत है | आपका संस्कृति गुरुकुल को योगदान भारतीय आयकर नियम (80-जी) से मुक्त हैं। अगर आपके पास कोई टिप्पणी या सुझाव हैं, तो कृपया हमें लिखें।