Rog Rakshak Dhoop

Rog Rakshak Dhoop

90.00

Net Volume : 100 Gms.

Hand made Anti bacterial DHOOP

आयुर्वेद में नित्य जीवन में किए जानेवाले विविध औषधीय धूपों का वर्णन किया गया है । काश्यप संहिता में धूप कल्प में विभिन्न प्रकार के धूपों का वर्णन किया गया है । धूप एक संपूर्ण और उत्तम चिकित्सा पद्धति है । आयुर्वेद में औषधियों के ३ स्वरुप में उपयोग करने का महत्व बताया गया है, घन स्वरुप, प्रवाही स्वरुप और वायु स्वरुप । इसमें धूप में औषधि का वायु स्वरुप होता है इसलिए वायु के साथ मिलकर, वायु के अनेक प्रकार के दोषों को दूर करके वायु का शुद्धिकरण करता है । जिस में से कोई कोई धूप आधुनिक जीवनशैली के कारण होनेवालें संक्रामक (Viral-Bactarial) रोगों में रक्षण करते है । रोग-रक्षक धूप में गूग्गल, नीमतैल, दशांग, करंजतैल, देशी गाय का घी, तथा अन्य आयुर्वेदिक औषधियों का उत्तम मिश्रण है । यह धूप जलते हुए कंडे के उपर रखने से जीवाणु-विषाणु को दूर करनेवाला स्वास्थ्यप्रद धूम (धुआँ) पैदा होगा, तथा मच्छर, मक्खी जैसे रोगवाहक जंतुओका उपद्रव भी शांत होगा, और रोग-रक्षक-धूप जलाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होगी ।

Products Key Feature(s) : Rog Rakshak Dhoop, keeps bacteria and virus away with Naturally as Vedic way without any harm ! useful for from home and office . This is a dhoop to be done in the room or premises, not to be consumed directly . For everyday use.

Net Wt. : 120 gms

SKU: GSARRD2001 Category:

Description

CONTAINS :

Gugal, Nim Churna, Gaughrit, Laksha Churna, Vooha, Nag Kesar, Vidang, Kapoor Kachali, Hing, Indrajav, Gajpippali, Gomay Churna, Ativisha, Nagarmoth, Trikatu, Rakta Chandan, Agar, Apamarg, Tagar, Sarsav

लाभ :

  • विविध संक्रामक रोगों से बचाता है ।
  • वातावरण को शुद्ध और पवित्र करता है ।
  • मक्खी, मच्छर, आदि रोगवाहक जंतुको को दूर कराता है ।
  • आस-पास के वातावरण में रहे वाईरस, बेक्टेरीया आदि सूक्ष्म जीवाणु और विषाणु को दूर करता है ।

उपयोग :

हर रोज सुबह-शाम थोडा सा धूप लेकर उसे गाय के गोबर के जलते हुए कण्डे पर डालकर धूप करें ।

Shastrokt (Vedic) Importance : Kaashyap Samhita talks in detail about dhoop chikitsa or dhoop therapy. Dhoop therapy is capable of treating all rogas. This is a detailed part of Ayurvedic science which is the originator of modern day aroma therapy.

Relevant Mantra : घृतं गुग्गुलु बिलवं च देवदारु नमेरु च। एष माहेश्वरो धूपो यवयुक्तो ग्रहापहः।।

AyurvedVidhan: Kashyap Samita, dhoop kalpadhya, kalp sthan

Why To consume : It has anti-bacterial, anti-viral qualities and it purifies the environment.

Additional information

Weight 0.125 kg
Dimensions 11 × 2 × 17 cm

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